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May 2016 - Simhastha , Ujjain Kumbh Mela 2016
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हेमा मालिनी की नृत्य प्रतुती – उत्तम स्वामी के पांडाल में …

सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के साथ ही फिल्मी सितारों, नामी गिरामी, देश-विदेश के मेहमानों की उज्जैन मेजबानी कर रहा है। मोक्षदायिनी क्षिप्रा में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालु स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे हैं।  भारतीय कला एवं संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये सिंहस्थ के विभिन्न कलामंचों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं।…

बारिश से हलकान हुआ सिंहस्थ – प्रशासन जुटा पूरी ताक़त से

सिंहस्थ में आये बारिश , आंधी और हवाओं ने सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को उखाड़ दिया , देखिये कैसे प्रकृति का तांडव बरसा आज वैराग्य के उपासक साधुओं के वैभवपूर्ण पंडालों पर  देखिये इन चित्रों में   

४० वर्षों बाद आया वरुथनी एकादशी स्नान – पहला पर्व स्नान आज

पर्व स्नान के साथ में ऐन्द्र योग की साक्षी में वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी वरुथिनी एकादशी के नाम से जानी जाती है। ऐन्द्र योग तथा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के संयोग में वैशाखी मंगलवार के दिन इसका महत्व और बढ़ जाता है। सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत आने वाला एकादशी की मान्यता के आधार पर…

पुण्य सलिला क्षिप्रा की कहानी – जानें! कैसे जन्मी क्षिप्रा ?

यदि ये नदी क्षिप्रा ना होती तो शायद सिंहस्थ कुम्भ और उज्जैनी नगरी भी ना होती ….क्या है कहानी क्षिप्रा की , कैसे हुआ जन्म और क्या क्या देखा क्षिप्रा ने , आईये जाने ….   मालवा के पठार में जो अनेक उत्तर वाहिनी नदियाँ हैं उनमें यद्यपि चम्बल, पार्वती तथा बेतवा सबमें बड़ी हैं…

कोलकाता से आये १०० स्वयंसेवक दे रहें हैं सेवा सिंहस्थ उज्जैन में, कई जानें बचा चुके हैं अब तक

आपदा प्रबंधन संसाधन , नदी तट पर जीवन रक्षक, फर्स्ट एड चिकिस्ता और किसी भी सेवा के लिए  के रूप में कोलकाता  से आकर सिंहस्थ में भारत सेवाश्रम संघ के 100 स्वयंसेवक जन-कल्याण के उद्देश्य को लेकर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। उनके साथ 50 स्थानीय स्वयंसेवक भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। यह…

पंचक्रोशी यात्रा उज्जैन प्रारम्भ , ११८ किमी की यात्रा , ७ पड़ाव , ५ लाख यात्री

पंचक्रोशी यात्रा यात्रा का इतिहास एवं महत्व पंचक्रोशी यात्रा में शिव के पूजन, अभिषेक, उपवास, दान एवं दर्शन की प्रधानता है। स्कंद पुराण के अनुसार अवंतिका के लिए वैशाख मास अत्यंत पुनीत है। इसी वैशाख मास के मेषस्थ सूर्य में वैशाख कृष्ण दशमी से अमावस्या तक इस पुनीत यात्रा का विधान है। उज्जैन का आकार…

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